सीए बॉयफ्रेंड का जीएसटी समेत खर्चे का ब्यौरा, लड़की करे भुगतान

पेशे से सीए लड़के ने ब्रेकअप बाद लड़की को खर्च हुए पैसों का हिसाब, मय जीएसटी के, भेजकर नकद भुगतान करने को कहा है। हालांकि इस मामले में लड़के ने थोड़ी नरमी बरती है।

सीए बॉयफ्रेंड का जीएसटी समेत खर्चे का ब्यौरा, लड़की करे भुगतान

एक प्रेमी जोड़ें के बीच हुआ ब्रेकअप इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पेशे से सीए लड़के ने ब्रेकअप बाद लड़की को खर्च हुए पैसों का हिसाब, मय जीएसटी के, भेजकर नकद भुगतान करने को कहा है। हालांकि इस मामले में लड़के ने थोड़ी नरमी बरती है। उसने किस्तों में भी भुगतान करने की छूट दी है, लेकिन तब लड़की को ईएमआई पर हर माह 4 फीसदी की दर से ब्याज देना होगा।

इंस्टाग्रामपर एक पोस्ट को ‘Trolls Official’ नामक पेज से शेयर किया गया है। इसमें एक सहजनामक लड़की के पोस्ट का स्क्रीनशॉट है। इसमें लिखा है, सीए में सी का मतलब होता है, चिंदी चोर। पोस्ट में आगे लिखा है, मेरी रूममेट ने एक बार आदित्य नाम के एक सीए को डेट किया था और जब उनका ब्रेकअप हुआ, तो लड़के ने अपने सभी खर्चों के साथ एक एक्सेल शीट भेजी, जिसमें 18 फीसदी टैक्स के साथ उनके जन्मदिन के उपहार भी शामिल थे???।। लड़के ने आधी इंडी मिंट के भी पैसे का हिसाब लगा रखा था।

सीए बॉयफ्रेंड ने सात महीने के रिलेशनशिप में हर महीने के खर्च की लिस्ट बनाई है, जिसमें कैब, मूवी, कॉफी, सिगरेट और खाने जैसी चीजों के खर्चे शामिल किए हैं। लड़के ने इन सभी खर्चों पर 18 परसेंट जीएसटी भी लगाया है। लड़की ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा, ये सब कुछ ठीक था, लेकिन दोस्त इस बात से नफरत करती थी कि वो लड़का उन दोनों के बीच खर्च कैसे मेनटेन कर रहा था। वो बिल तो स्प्लिट करवाता ही था। उसको गिफ्ट भी सीओडी पर भेजता था।

सीए ने एक्स गर्लफ्रेंड पर हुए कुल खर्चों का बिल 60,635.48 रुपये बनाया है और कहा है कि उसे पैसे कैश में चाहिए। लेकिन लड़की अगर चाहे तो ये पैसे उसे किस्तों में भेज सकती है। हालांकि ईएमआई पर हर महीने 4 प्रतिशत की दर से ब्याज लगेगा। इस पोस्ट को करीब एक लाख बार देखा जा चुका है। नेटिजन्स लगातार कमेंट कर रहे हैं। एक यूजर ने लिखा, ‘सीए बहुत विनम्र है। उसने आईटीआर दाखिल करने की फीस माफ कर दी। दूसरे ने कहा, ‘खर्च की लिस्ट में मॉर्टिन कॉइल देखकर मेरी आंखों में आंसू आ गए।एक अन्य यूजर ने लिखा, ‘और इस पैसों को वो दूसरी गर्लफ्रेंड पर इनवेस्ट करेगा। फिर उससे भी मांगेगा। ये बढ़िया पॉलिसी है।