फल खाएं, उनके रस से बचें- आईसीएमआर

आईसीएमआर ने शर्करा युक्त फलों के रस के सेवन से बचने की भी सलाह दी है। उसने कहा कि पूरा फल एक स्वस्थ विकल्प है, क्योंकि इसमें फाइबर और पोषक तत्व होते हैं।

फल खाएं, उनके रस से बचें- आईसीएमआर

गर्मी के मौसम में लोग ठंडक पाने के लिए गन्ने का रस समेत विभिन्न ठंडे पेय पदार्थों का सेवन करते हैं। मगर भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर) ने गन्ने के रस में उच्च शर्करा सामग्री के कारण इसे कम मात्रा में सेवन करने की सलाह दी है। आईसीएमआर ने राष्ट्रीय पोषण संस्थान (NIN) के साथ मिलकर स्वस्थ खाने की आदतों को बढ़ावा देने के लिए 17 नई गाइडलाइन्स जारी की हैं।

आईसीएमआर ने गन्ने के रस में शर्करा स्तर को बताया है, जिसमें 100 मिलीलीटर में 13-15 ग्राम शर्करा होती है। उसने कहा कि गन्ने का रस, जो भारत में विशेषकर गर्मियों में व्यापक रूप से सेवन किया जाता है, उच्च शर्करा युक्त होता है और इसलिए इसका सेवन कम करना चाहिए चिकित्सा विशेषज्ञों का सुझाव है कि वयस्कों को प्रतिदिन 30 ग्राम से अधिक शर्करा का सेवन नहीं करना चाहिए, जबकि 7 से 10 वर्ष के बच्चों को 24 ग्राम तक सीमित रखना चाहिए।

परिषद ने शर्करा युक्त फलों के रस के सेवन से बचने की भी सलाह दी है उसने कहा कि पूर फल एक स्वस्थ विकल्प है, क्योंकि इमें फाइबर और पोषक तत्व होते हैं। ताजे बने रस में 100-150 ग्राम से अधिक पूरे फल का उपयोग नहीं करना चाहिए।

कार्बोनेटेड और गैर-कार्बोनेटेड सॉफ्ट ड्रिंक्स भी आईसीएमआर की बचने योग्य पेय पदार्थों की सूची में हैं। इनमें शर्करा, कृत्रिम मिठास, खाद्य एसिड और कृत्रिम फ्लेवर हो सकते हैं, जो अधिक मात्रा में हानिकारक हो सकते हैं। इसके बजाय, छाछ, नींबू पानी, बिना शर्करा वाला पूरा फल रस और नारियल पानी जैसे विकल्पों की सिफारिश की जाती है।

इन गाइडलाइन्स में से एक अधिक मात्रा में चाय और कॉफी के सेवन के खिलाफ भी चेतावनी देती है, क्योंकि इनमें कैफीन होता है। 150 मिलीलीटर की एक कप पकी हुई कॉफी में 80 से 120 मिलीग्राम कैफीन होता है, जबकि चाय में प्रति सर्विंग 30 से 65 मिलीग्राम होत है। दैनिक कैफीन सेवन सीमा 300 मिलीग्राम है।

आईसीएमआर भोजन के एक घंटे पहले और बाद में चाय या कॉफी के सेवन से बचने की सलाह देती है, क्योंकि इनमें मौजूद टैनिन आयरन अवशोषण को रोक सकते हैं, जिससे आयरन की कमी और एनीमिया हो सकता है। अत्यधिक कॉफी का सेवन रक्तचाप बढ़ा सकता है और हृदय संबंधी असामान्यताएं पैदा कर सकता है।

पेय पदार्थों संबंधी सिफारिश के साथ ही आईसीएमआर फलों, सब्जियों, साबुत अनाज, लीन मीट और समुद्री खाद्य पदार्थों से भरपूर संतुलित आहार के महत्व पर जोर देता है। गाइडलाइन्स में तेल, शर्करा और नमक के सेवन को सीमित करने की भी सलाह दी गई है, ताकि समग्र स्वास्थ्य को बनाए रखा जा सके। इन सिफारिशों का पालन करके व्यक्ति स्वस्थ विकल्प बना सकते हैं और उच्च शर्करा और कैफीन सेवन से संबंधित स्वास्थ्य जोखिमों को कम कर सकते हैं।